सय्यदा फातिमा ज़हरा स.अ. का मोजज़ा।


शिबि अबु तालिब के बाद रादियातुल कुबरा स.अ. की रियालत हो गयी। रसूलल्लाह ﷺ और आले रसूल का मक्के में लोग मज़ाक उड़ाया करते थे तो वैसे ही मक्के के काफिरों ने चाहा कि जो मुहम्मद ﷺ की बेटी फातिमा है हम उसको अपनी शादी में बुलाये उसके पास तो वैसे ही फ़टे पुराने कपड़े होते हैं वही पहनकर आएगी और हम अपने आपको दुनिया की दौलत से आरास्ता करके कहेंगे कि यह देखो नबी की बेटी इसका बाबा गली गली नबूवत का दावा करता फिरता है और उसकी बेटी के पास पहनने के लिए अच्छे कपड़े तक नहीं है और फिर मिलकर हँसकर उसका मजाक उड़ाएंगे। बस इसी वादे के बाद कुफ्फार की औरतें बीवी फातिमा जहरा सलामुल्लाह के पास आयी और कहा हम यह चाहते हैं कि कल जो हमारे घर में शादी है आप उसमें आए बीवी जहरा ने कहा मैं कोई भी काम अपने बाबा से बगैर पूछे नहीं करती मैं बाबा से पूछूगी अगर बाबा ने इज़ाज़त दी तो जरूर आऊंगी।

 जब अल्लाह के रसूल ﷺ घर पर आए तो जनाबे सैयदा ने दस्ते अदब को जोड़कर अर्ज़ किया ऐ मेरे बाबा मोहल्ले की औरतें आई थी और कहने लगी कि कल हमारे घर पर शादी है तुम जरूर आना लेकिन उनके चेहरे पर मुनाफिकत हया थी  तो आप ﷺ ने फरमाया फातिमा तुम जाना अगर तुम नहीं जाओगी तो यह लोग कहेंगे कि हम तो मोहब्बत का हाथ बढ़ाते हैं ओरिया खुद ही हमसे नफरत करते हैं तो बीवी फातिमा ने कहा बाबा मैं जाऊं तो लेकिन मेरे पास एक ही जोड़ा है जो कहीं जगह से सिला हुआ है इसलिए सब हमारा मजाक उड़ाएंगे बस इतना कहना था तो अल्लाह के हुक्म से जिब्राइल अलैहिस्सलाम जन्नत से जन्नती लिबास लेकर हाजिर हुए और अर्ज़ करने लगे या रसूलल्लाह अल्लाह का हुक्म है की आप अपनी बेटी को यह लिबास इनायत करें और कहे कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी रुसवा नहीं करता बीवी सय्यदा ने वह लिबास अपनी आंखों पर रखा और अल्लाह का शुक्र अदा किया और एक लम्हे के लिए रुकी और अर्ज़ किया बाबा यह इतना अच्छा लिबास में कल पहन कर जाऊंगी तो ऐसा ना हो कि इस लिबास की चमक दमक से दूसरी औरतें एहसास ए कमतरी में चली जाएं मैं यह लिबास पहनती हूं लेकिन इसके ऊपर मैं हमेशा पहनती हूं वाला लिबास पहनकर जाती हूं अगर उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का मजाक उड़ाया तो फिर मैं उन्हें जन्नती लिबास दिखाऊंगी।
बस रात हुई और वह औरतें इंतजार करती रही कि की बीवी फातिमा जहरा आए और हम उसका मजाक उड़ाए फिर जैसे ही बीवी फातिमा जहरा फटे पुराने कपड़े पहनकर शादी में दाखिल हुई वह सब औरतें उन पर हँसने लगी कि देखो रसूल का खानदान आया है जिसके पास पहनने के लिए अच्छे कपड़े तक नहीं है
तो जैसे ही वह सब उन पर हंसने लगे तो सय्यदा पाक ने उनको जन्नती लिबास दिखाया तो बस उस लिबास का नूर और जनाबे सैयदा फातिमा जहरा के नूर को देखकर वह औरतें दंग रह गई उन्होंने आज तक न तो इतना अच्छा लिबास देखा था और न ही इतनी खूबसूरत औरत देखी थी  यह बात आम हो गई दुल्हन ने पूछा कि घर में इतना शोर क्यों हो रहा है तो सब ने कहा कि अल्लाह के रसूल मुहम्मद ﷺ की बेटी आई है और उनके चेहरे और लिबास पर इतना नूर है कि सब दंग रह गए हैं और बातें कर रहे हैं तो दुल्हन ने कहा कि मैं भी देखूंगी जैसे ही दुल्हन करीब आती है और बीवी फातिमा की ज़ियारत करती है तो वह सैयदा पाक के चेहरे के नूर को देखकर गिर जाती है और वही इंतकाल कर जाती है तो बस हुआ अफरा-तफरी मच जाती है और सब यहां वहां भागने लग जाते हैं की दुल्हन मर गई यह क्या हुआ तो सब मुनाफिकीन एक दूसरे से बात करते हैं और कहते हैं कि देखो मोहम्मद की बेटी आई और उसकी वजह से हमारी दुल्हन मर गई यह बात सब में फैल गई बीबी फातिमा ने देखा कि यह अल्लाह और उसके महबूब की तोहीन कर रहे हैं जनाबे सैयदा ने कहा घबराओ नहीं अल्लाह इस औरत को नई जिंदगी देगा। तो उन सब ने कहा आज तक कोई मरा हुआ जिंदा हुआ है के यह ज़िंदा होगी! बीवी सय्यदा ने कहा अगर अल्लाह चाहेगा तो यकीनन यह जिंदा होगी मैं अपने अल्लाह से दुआ करती हूं यह औरत जरूर जिंदा होगी।
तो सब ने कहा कि अगर वाक़ई यह औरत जिंदा होती है तो हम तेरे बाबा को अल्लाह का रसूल मानेंगे और तस्कीम करेंगे कि आपका दीन सच्चा है तो बस बीवी सय्यदा उस औरत के करीब आयी और दुआ के लिए हाथ उठाए! ए अल्लाह तुझे वास्ता है मेरे बाबा हजरत मोहम्मद ﷺ का  तुझे वास्ता है अपने रसूल की इज़्ज़त का इस तेरी बंदी की ज़िंदगी बक्श दे बस यह कहना था इतनी देर में वह औरत आंखें खोलने लगी और कदमों में गिर गिरकर कहने लगी "लाइलाहा इलल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह" यह मोजज़ा देखकर सब की सब जनाबे सैयदा के कदम चूमने लगे और सब के सब मुसलमान बन गए।
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