ख्वाजा गरीब नवाज हिंदुस्तान में कैसे और कब आए ?

आज हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती र.अ. को कौन नही जानता ? जिन्हें हम ख्वाजा गरीब नवाज सुल्तानुल हिन्द के नाम से जानते हैं जिनकी दरगाह शरीफ अजमेर राजस्थान में है लेकिन आप जानते हैं कि ख्वाजा साहब ईरान मे पैदा हुए थे ! ख्वाजा साहब ने हिंदुस्तान आकर 90 लाख लोगों कलमा पढ़ाया !
Ajmer Shareef - Deeni Knowledge

ख्वाजा साहब के हिंदुस्तान आने का वाक़या 


एक बार ख्वाजा साहब सो रहे थे तो उनके ख्वाब में हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ आये और आपने फरमाया ऐ मोइनुद्दीन हिंदुस्तान जाओ। ओर वहा से जहालीयत खत्म कर के वहा के लोगो को ईमान की दोलत से नवाज दो। " तो ख्वाजा साहब ने आपसे अर्ज़ किया कि मैने हिंदुस्तान नही देखा है तो आप ﷺ अपनी हथेली में ख्वाजा साहब को हिंदुस्तान की एक झलक दिखाई तो ख्वाजा गरीब नवाज ने हुक्म-ए-नबी पर सऊदी अरब से भारत का सफर अपने कुछ आशिको के साथ शुरू कीया। ओर सन-1190 भारत मे राजस्थान के अजमेर मे पहोच कर इस्लाम दिन को फेला ने का काम शुरू किया ।

 तब अजमेर के एक शख्स ने ख्वाजा गरीब नवाज के एक आशीक से पूछा के इस्लाम मे पाँच फर्ज नमाजे पडने का दसतूर है । तो बताओ सऊदी अरेबीया से हिंदुस्तान आने के हजारो-लाखों माईल के इस सफर मे ख्वाजा मूइन्नूदीन ने कीतनी नमाजे
छोड़ दी?
 तब ऊस आशीक ने मुशकराकर अपने चीश्तीया अंदाज मे यू कहा। "अरे नादान ये ख्वाजा गरीब नवाज हे फर्ज नमाज तो दूर की बात हे।
ईनहोने तो तहज्जूद का एक सजदा
तक नही छोड़ा"।
  सूब्हानअल्लाह
तो इस तरह करामात दिखाकर ख्वाजा साहब ने हिन्द में दीन को फैलाया औऱ 90 लाख को कलमा पढ़ाया और हम 6 तारीख को छटी के रूप में मनाते हैं और हर साल ख्वाजा साहब का उर्स मानते हैं

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